खबरो का पोसटमारटम

खबरो का पोसटमारटम

सवा अरब की जनसनखा वाला देश …………जाहिर है कि…यहा खबर का कभी अकाल नही पड सकता…….जब खबरो का अकाल नही है तो खबर परोसने वालो का अकाल कैसे हो सकता है……….
परनतू अब ये खबरे …सिरफ खबर नही रह गयी है….ये अब वयवसाय बन गयी…..अज हर १ छोटी या बडी खबर निजी टीवी चैनलो के लिये पैसा कमाने का जरिया है…….शायद यही कारण है कि….हर छोटी या बडी खबर को चीडा फाडा जाता है फिर विशलेशण  का, मिरच मसाला लगाकर  विगयापन रुपी सलाद सहित पेश किया जाता है……….यहा तक तो चलता है……मन को पिडा तब  होती है जब…चैनलो के पास खबर नही होती अौर वो….खबरो का पोसटमारटम करते है……….

हर चैनल…अपने अपने तरीके से खबरो का पोसटमारटम करते है…….यहा ुन तरीको पर नजर डाळना चाहूूगा…….

AAJTAK WAY OF POSTMORTEM ये दावा करते है िक ये सबसे तेज है…पोसटमारटम करने मे
यहा सामानयतया २ दाडी वाले सजजन बात करते िदखेगे….. background मे खबर के अनुसार गरािफकस होगे….हर वाकु मे..कम से कम १० बार ” सबसे तेज ” बोला जायेगा…….बस फिर सबसे तेज…सबसे तेज बोलते बोलते…..पुरा दिन गुजर जाता है..अौ दरशक को…”सबसे तेज नीद अ जाती है

STARNEWS WAY OF POSTMORTEM ये बडा ही धारमिक और खुशहाल चैनल है……..हर खबर की गरह दशा और उस का हर राशी पर कया ासर होगा…ये बताने के लिये दिन मे कम से कम ४‍ से ५ घटे…..पडित अनिल वतस से जरुर मिलवाते है…..

NDTV WAY OF POSTMORTEM ये….राजनीति से ओतपरोत चैनल है……..औड़ इनके तरीके… यू है‍‍‍‍  दस बूडे……२० जवान….४ राजनीतिगय……और पचोरी जी अथवा विनोद जी……बन गया टाक शो…….और टाक शो का शीरषक?……अरे भाई…..हमारी तांजा खबर….और उसका देश की अरथ वयचसथा पर असर………

उफ….बहुत हो गया….इस से जयादा ना मे खबर देख सकता हु…ना उनके बारे मे ळिख सकता हू………

3 Responses to “खबरो का पोसटमारटम”

  1. shobha Says:

    स्वागत है आपका। इसी प्रकार ग्यानवर्धक जानकारी देते रहें।

  2. Jitendra Dave Says:

    achchaa likhte ho, jaari rakhe. proof ki mistakes khatakati hain, thodaa dhyaan de, baaki media ki acchee khabar lete ho. nice

  3. ashutoshchaturvedi Says:

    media channels ki watt laga de,par INDIATV to bach hi gaya,iski bhi lago watt

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